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mahabharat 12.4.1: नारदजी कहते हैं- भरतश्रेष्ठ! इस प्रकार भार्गवनन्दन परशुराम से ब्रह्मास्त्र प्राप्त कर कर्ण दुर्योधन के साथ सुखपूर्वक रहने लगा। 1॥   |   mahabharat अध्याय 12.4: कर्णकी सहायतासे समागत राजाओंको पराजित करके दुर्योधनद्वारा स्वयंवरसे कलिंगराजकी कन्याका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.4.1 
नारद उवाच
कर्णस्तु समवाप्यैवमस्त्रं भार्गवनन्दनात्।
दुर्योधनेन सहितो मुमुदे भरतर्षभ॥ १॥
 
 
अनुवाद
नारदजी कहते हैं- भरतश्रेष्ठ! इस प्रकार भार्गवनन्दन परशुराम से ब्रह्मास्त्र प्राप्त कर कर्ण दुर्योधन के साथ सुखपूर्वक रहने लगा। 1॥
 
Naradji says- Bharatshreshtha! Thus, after receiving the Brahmastra from Bhargvanandan Parshuram, Karna started living happily with Duryodhana. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)