श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 38: नगर-प्रवेशके समय पुरवासियों तथा ब्राह्मणोंद्वारा राजा युधिष्ठिरका सत्कार और उनपर आक्षेप करनेवाले चार्वाकका ब्राह्मणोंद्वारा वध  »  श्लोक 6-7
 
 
श्लोक  12.38.6-7 
इति कृष्णां महाराज प्रशशंसुस्तदा स्त्रिय:॥ ६॥
प्रशंसावचनैस्तासां मिथ:शब्दैश्च भारत।
प्रीतिजैश्च तदा शब्दै: पुरमासीत् समाकुलम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! इस प्रकार उस समय सब स्त्रियाँ द्रुपदपुत्री श्रीकृष्ण की स्तुति कर रही थीं। भरत! उस समय उनके परस्पर कहे हुए स्तुतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण वचनों से सारा नगर भर गया।
 
Maharaj! In this way all the women were praising Drupada's daughter Krishna at that time. Bhaarat! At that time the entire city was filled with their words of praise and love spoken to each other. 6-7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)