Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.38.28: दुष्ट राक्षस के ये वचन सुनकर ब्राह्मण उसके वचनों से अपमानित होने के कारण दुःखी हो गए और मन ही मन उसके वचनों की निन्दा करने लगे॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 12.38: नगर-प्रवेशके समय पुरवासियों तथा ब्राह्मणोंद्वारा राजा युधिष्ठिरका सत्कार और उनपर आक्षेप करनेवाले चार्वाकका ब्राह्मणोंद्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 38: नगर-प्रवेशके समय पुरवासियों तथा ब्राह्मणोंद्वारा राजा युधिष्ठिरका सत्कार और उनपर आक्षेप करनेवाले चार्वाकका ब्राह्मणोंद्वारा वध  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  12.38.28 
इति ते वै द्विजा: श्रुत्वा तस्य दुष्टस्य रक्षस:।
विव्यथुश्चुक्रुशुश्चैव तस्य वाक्यप्रधर्षिता:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
दुष्ट राक्षस के ये वचन सुनकर ब्राह्मण उसके वचनों से अपमानित होने के कारण दुःखी हो गए और मन ही मन उसके वचनों की निन्दा करने लगे॥ 28॥
 
On hearing these words of the wicked demon, the Brahmins were aggrieved at being insulted by his words and in their hearts they began to criticise his words.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)