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mahabharat 12.38.22: जब सभी ब्राह्मण चुपचाप खड़े हो गए, तो चार्वाक नामक राक्षस ने ब्राह्मण का वेश धारण कर राजा युधिष्ठिर से कुछ कहने की तैयारी की।   |   mahabharat अध्याय 12.38: नगर-प्रवेशके समय पुरवासियों तथा ब्राह्मणोंद्वारा राजा युधिष्ठिरका सत्कार और उनपर आक्षेप करनेवाले चार्वाकका ब्राह्मणोंद्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.38.22 
नि:शब्दे च स्थिते तत्र ततो विप्रजने पुन:।
राजानं ब्राह्मणच्छद्मा चार्वाको राक्षसोऽब्रवीत्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
जब सभी ब्राह्मण चुपचाप खड़े हो गए, तो चार्वाक नामक राक्षस ने ब्राह्मण का वेश धारण कर राजा युधिष्ठिर से कुछ कहने की तैयारी की।
 
When all the Brahmins stood quietly, a demon named Charvaka, disguised as a Brahmin, prepared to say something to King Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)