श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 38: नगर-प्रवेशके समय पुरवासियों तथा ब्राह्मणोंद्वारा राजा युधिष्ठिरका सत्कार और उनपर आक्षेप करनेवाले चार्वाकका ब्राह्मणोंद्वारा वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  12.38.14 
प्रविश्याभ्यन्तरं श्रीमान् दैवतान्यभिगम्य च।
पूजयामास रत्नैश्च गन्धमाल्यैश्च सर्वश:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
राजभवन के भीतर प्रवेश करके श्रीमान नरेश ने कुलदेवताओं के दर्शन किए और रत्न, चंदन तथा माला आदि से उनकी पूर्ण पूजा की॥14॥
 
Entering inside the royal palace, Shriman Naresh saw the family deities and worshiped them completely with gems, sandalwood and garlands etc. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)