Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.360.10: मौन रहने से ज्ञान का फल मिलता है, दान देने से महान यश की प्राप्ति होती है, सत्य बोलने से परलोक में वाकपटुता और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। | mahabharat अध्याय 12.360: पत्नीके धर्मयुक्त वचनोंसे नागराजके अभिमान एवं रोषका नाश और उनका ब्राह्मणको दर्शन देनेके लिये उद्यत होना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मौने ज्ञानफलावाप्तिर्दानेन च यशो महत्।
वाग्मित्वं सत्यवाक्येन परत्र च महीयते॥ १०॥
अनुवाद
मौन रहने से ज्ञान का फल मिलता है, दान देने से महान यश की प्राप्ति होती है, सत्य बोलने से परलोक में वाकपटुता और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।
By remaining silent one gets the fruits of knowledge, by giving charity one gets great fame. By speaking the truth one attains eloquence and prestige in the next world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥