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mahabharat 12.354.13: कितने ही वीर पुरुष युद्ध में शत्रुओं से लड़ते हुए मारे गए हैं और स्वर्ग को प्राप्त हुए हैं। कितने ही मनुष्य अपने उत्तम स्वभाव से सिद्धि प्राप्त करके स्वर्ग को गए हैं।॥13॥   |   mahabharat अध्याय 12.354: अतिथिद्वारा स्वर्गके विभिन्न मार्गोंका कथन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 354: अतिथिद्वारा स्वर्गके विभिन्न मार्गोंका कथन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  12.354.13 
आहवेऽभिमुखा: केचिन्निहतास्त्रिदिवं गता:।
केचिदुञ्छव्रतै: सिद्धा: स्वर्गमार्गं समाश्रिता:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
कितने ही वीर पुरुष युद्ध में शत्रुओं से लड़ते हुए मारे गए हैं और स्वर्ग को प्राप्त हुए हैं। कितने ही मनुष्य अपने उत्तम स्वभाव से सिद्धि प्राप्त करके स्वर्ग को गए हैं।॥13॥
 
Some brave men have died fighting the enemies in the war and have reached heaven. Many people have attained siddhi (supreme power) through their noble nature and have gone to heaven.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)