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mahabharat 12.350.23: रुद्र बोले- ब्रह्मन्! आप स्वयंभू हैं। आपने बहुत से पुरुषों को उत्पन्न किया है और अभी भी अन्य पुरुषों को उत्पन्न कर रहे हैं। वह विराट भी पुरुष है, फिर उसमें क्या विशेष बात है?॥23॥   |   mahabharat अध्याय 12.350: वैजयन्त पर्वतपर ब्रह्मा और रुद्रका मिलन एवं ब्रह्माजीद्वारा परम पुरुष नारायणकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 350: वैजयन्त पर्वतपर ब्रह्मा और रुद्रका मिलन एवं ब्रह्माजीद्वारा परम पुरुष नारायणकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.350.23 
रुद्र उवाच
बहव: षुरुषा ब्रह्मंस्त्वया सृष्टा: स्वयम्भुवा।
सृज्यन्ते चापरे ब्रह्मन् स चैक: पुरुषो विराट्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
रुद्र बोले- ब्रह्मन्! आप स्वयंभू हैं। आपने बहुत से पुरुषों को उत्पन्न किया है और अभी भी अन्य पुरुषों को उत्पन्न कर रहे हैं। वह विराट भी पुरुष है, फिर उसमें क्या विशेष बात है?॥23॥
 
Rudra said-Brahman! You are Swayambhu. You have created many men and are still creating other men. That Virat is also a man, then what is special about him?॥23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)