श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  12.347.33 
मम वेदा हृता: सर्वे दानवाभ्यां बलादित:।
अन्धकारा हि मे लोका जाता वेदैर्विनाकृता:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
आज दो राक्षस मेरे सारे वेदों को बलपूर्वक यहाँ से ले गए हैं। अब वेदों के बिना सारा संसार मेरे लिए अंधकारमय हो गया है ॥33॥
 
Today two demons have forcefully taken away all my Vedas from here. Now without the Vedas the whole world has become dark for me. ॥ 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)