Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.347.31: वेदों के हरण हो जाने पर ब्रह्माजी अत्यन्त दुःखी हुए। वे मोह से ग्रस्त हो गए। वेदों से वंचित होकर वे मन ही मन भगवान से इस प्रकार कहने लगे ॥31॥ | mahabharat अध्याय 12.347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वेदों के हरण हो जाने पर ब्रह्माजी अत्यन्त दुःखी हुए। वे मोह से ग्रस्त हो गए। वेदों से वंचित होकर वे मन ही मन भगवान से इस प्रकार कहने लगे ॥31॥
Brahmaji was very sad when the Vedas were abducted. He was overcome with delusion. Being deprived of the Vedas, he started speaking to God in his mind in this manner. ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥