Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.347.3-4: आपने मुझे पहले ही बताया था कि समुद्र के उत्तर-पूर्व भाग में हवि और नैवेद्य ग्रहण करने वाले भगवान विष्णु ने महान हयग्रीव अवतार धारण किया था। आपने मुझे यह भी बताया था कि परमपिता ब्रह्मा ने उस रूप का प्रत्यक्ष दर्शन किया था।॥3-4॥ | mahabharat अध्याय 12.347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपने मुझे पहले ही बताया था कि समुद्र के उत्तर-पूर्व भाग में हवि और नैवेद्य ग्रहण करने वाले भगवान विष्णु ने महान हयग्रीव अवतार धारण किया था। आपने मुझे यह भी बताया था कि परमपिता ब्रह्मा ने उस रूप का प्रत्यक्ष दर्शन किया था।॥3-4॥
You had told me earlier that Lord Vishnu, who accepted the offerings of oblations and offerings in the north-eastern part of the ocean, had assumed the great Hayagriva avatar. You had also told me that the Supreme Lord Brahma had seen that form directly.॥ 3-4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥