Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.347.29: उस समय जब उन विशालकाय राक्षसों की दृष्टि वेदों पर पड़ी तो उन्होंने अचानक भगवान ब्रह्मा के सामने उन्हें पराजित कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 12.347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  12.347.29 
ततो विग्रहवन्तौ तौ वेदान् दृष्ट्वासुरोत्तमौ।
सहसा जगृहतुर्वेदान् ब्रह्मण: पश्यतस्तदा॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उस समय जब उन विशालकाय राक्षसों की दृष्टि वेदों पर पड़ी तो उन्होंने अचानक भगवान ब्रह्मा के सामने उन्हें पराजित कर दिया।
 
At that time, when those huge, great demons set their eyes on the Vedas, they suddenly defeated them in front of Lord Brahma.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)