Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.345.28: सुख-दुःख के स्वामी श्री हरि सब प्राणियों में समभाव से स्थित हैं। श्री नारायण महान् महात्मा और परमात्मा हैं; ऐसा श्रुति में कहा गया है।॥28॥ | mahabharat अध्याय 12.345: भगवान् वराहके द्वारा पितरोंके पूजनकी मर्यादाका स्थापित होना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सम: सर्वेषु भूतेषु ईश्वर: सुखदु:खयो:।
महान् महात्मा सर्वात्मा नारायण इति श्रुति:॥ २८॥
अनुवाद
सुख-दुःख के स्वामी श्री हरि सब प्राणियों में समभाव से स्थित हैं। श्री नारायण महान् महात्मा और परमात्मा हैं; ऐसा श्रुति में कहा गया है।॥28॥
Shri Hari, the lord of happiness and sorrow, is present in all living beings with equanimity. Shri Narayan is a great Mahatma and the Supreme Soul; This has been said in the Shruti. 28॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि नारायणीये पञ्चचत्वारिंशदधिकत्रिशततमोऽध्याय:॥ ३४५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें नारायणकी महिमाविषयक तीन सौ पैंतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३४५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥