श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 341: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको अपने प्रभावका वर्णन करते हुए अपने नामोंकी व्युत्पत्ति एवं माहात्म्य बताना  »  श्लोक 8-9
 
 
श्लोक  12.341.8-9 
श्रीभगवानुवाच
ऋग्वेदे सयजुर्वेदे तथैवाथर्वसामसु।
पुराणे सोपनिषदे तथैव ज्यौतिषेऽर्जुन॥ ८॥
सांख्ये च योगशास्त्रे च आयुर्वेदे तथैव च।
बहूनि मम नामानि कीर्तितानि महर्षिभि:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्री ने कहा-अर्जुन! ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, उपनिषद, पुराण, ज्योतिष, सांख्यशास्त्र, योगशास्त्र तथा आयुर्वेद में अनेक ऋषियों ने मेरे नामों का उल्लेख किया है। 8-9॥
 
Lord Shri said – Arjun! Many sages have mentioned my names in Rigveda, Yajurveda, Samaveda, Atharvaveda, Upanishads, Puranas, Astrology, Sankhyashastra, Yogashastra and Ayurveda. 8-9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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