श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान‍्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना  »  श्लोक 85
 
 
श्लोक  12.340.85 
ततो वै द्वापरं नाम मिश्र: कालो भविष्यति।
द्विपादहीनो धर्मश्च युगे तस्मिन् भविष्यति॥ ८५॥
 
 
अनुवाद
उसके बाद द्वापर युग आएगा। वह समय धर्म और अधर्म का मिश्रण होगा। उस युग में धर्म के दो चरण नष्ट हो जाएँगे॥ 85॥
 
‘After that the Dwapara Yuga will arrive. That time will be a mixture of Dharma and Adharma. In that Yuga two stages of Dharma will be destroyed.॥ 85॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas