Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.340.77-78: ये लोकगुरु ब्रह्मा आदि सृष्टिकर्ता और जगत के स्वामी हैं। ये तुम्हारे माता, पिता और पितामह हैं। मेरी आज्ञा से ये समस्त प्राणियों को वर देने वाले होंगे॥ 77-78॥ | mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एष लोकगुरुर्ब्रह्मा जगदादिकर: प्रभु:॥ ७७॥
एष माता पिता चैव युष्माकं च पितामह:।
मयानुशिष्टो भविता सर्वभूतवरप्रद:॥ ७८॥
अनुवाद
ये लोकगुरु ब्रह्मा आदि सृष्टिकर्ता और जगत के स्वामी हैं। ये तुम्हारे माता, पिता और पितामह हैं। मेरी आज्ञा से ये समस्त प्राणियों को वर देने वाले होंगे॥ 77-78॥
‘This Lokguru Brahma is the original creator and Lord of the world. He is your mother, father and grandfather. As per my orders, he will be the one to grant boons to all beings.॥ 77-78॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥