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एते वेदविदो मुख्या वेदाचार्याश्च कल्पिता:।
प्रवृत्तिधर्मिणश्चैव प्राजापत्ये च कल्पिता:॥ ७०॥
अनुवाद
ये वेदों के प्रमुख विद्वान और प्रवृत्ति-धर्म के अनुयायी हैं। ये सभी वेदाचार्य माने गए हैं और इन्हें प्रजापति का पद प्रदान किया गया है।
‘These are the chief scholars of Vedas and followers of the Pravriti-dharma. All of them are considered Vedacharyas and have been conferred the position of Prajapati.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥