Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.340.58: यज्ञ का भाग निश्चित हो जाने पर वर देने वाले देवता महेश्वर नारायण ने बिना शरीर के आकाश में खड़े होकर सम्पूर्ण देवताओं से ये वचन कहे - ॥58॥ | mahabharat अध्याय 12.340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यज्ञ का भाग निश्चित हो जाने पर वर देने वाले देवता महेश्वर नारायण ने बिना शरीर के आकाश में खड़े होकर सम्पूर्ण देवताओं से ये वचन कहे - ॥58॥
After the sacrificial part was decided, the boon-giving deity Maheshwar Narayana, standing in the sky without a body, said these words to all the gods - ॥ 58॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥