श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 340: व्यासजीका अपने शिष्योंको भगवान‍्द्वारा ब्रह्मादि देवताओंसे कहे हुए प्रवृत्ति और निवृत्तिरूप धर्मके उपदेशका रहस्य बताना  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  12.340.41 
प्रदिशस्व बलं तस्य योऽधिकारार्थचिन्तक:।
एवमुक्तो महादेवो देवांस्तानिदमब्रवीत्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
उस अधिकार और उद्देश्य का विचार करनेवाले मनुष्य को आप कृपा करके कर्तव्य पालन की शक्ति प्रदान करें।’ उनके ऐसा कहने पर महादेव ब्रह्माजी उन देवताओं से इस प्रकार बोले ॥41॥
 
'Please give the power to carry out the duty to the person who is thinking about that right and purpose.' When he said this, the great god Brahma spoke to those gods as follows. ॥ 41॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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