श्रीभगवानुवाच
शृणु नारद तत्त्वेन प्रादुर्भावान् महामुने।
मत्स्य: कूर्मो वराहश्च नरसिंहश्च वामन:
रामो रामश्च रामश्च कृष्ण: कल्की च ते दश।
अनुवाद
भगवान श्री ने कहा- महामुनि नारद! तुम मेरे अवतारों के नाम सुनो- मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, श्रीराम, बलराम, श्रीकृष्ण और कल्कि- ये दस अवतार हैं।
Lord Shri said – Mahamuni Narad! You listen to the names of my incarnations - Matsya, Kurma, Varaha, Narasimha, Vaman, Parashuram, Shriram, Balram, Shri Krishna and Kalki - these are the ten incarnations.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥