श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य  »  श्लोक 94-95h
 
 
श्लोक  12.339.94-95h 
तत: सुतं बलेर्जित्वा बाणं बाहुसहस्रिणम्॥ ९४॥
विनाशयिष्यामि तत: सर्वान् सौभनिवासिन:।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् मैं हजार भुजाओं से सुशोभित बलिपुत्र बाणासुर को हराकर शाल्व के सौभ विमान में रहने वाले समस्त योद्धाओं का नाश कर दूँगा ॥94 1/2॥
 
Thereafter, after defeating Banasur, the son of Bali, adorned with a thousand arms, I will destroy all the warriors living in the Saubha Vimana of Shalva. 94 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)