Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.93-94h: जब बाणासुर के प्रिय एवं हितैषी भगवान शंकर तथा कार्तिकेय, ये विश्वविख्यात देवता मुझसे युद्ध करने के लिए उद्यत होंगे, तब मैं उन दोनों को परास्त कर दूँगा। | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब बाणासुर के प्रिय एवं हितैषी भगवान शंकर तथा कार्तिकेय, ये विश्वविख्यात देवता मुझसे युद्ध करने के लिए उद्यत होंगे, तब मैं उन दोनों को परास्त कर दूँगा।
When Banasura's favourite and well-wisher Lord Shankar and Kartikeya, the world-renowned gods, will be ready to fight with me, then I will defeat them both. 93 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥