श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य  »  श्लोक 79-80
 
 
श्लोक  12.339.79-80 
विरोचनस्य बलवान् बलि: पुत्रो महासुर:॥ ७९॥
अवध्य: सर्वलोकानां सदेवासुररक्षसाम्।
भविष्यति स शक्रं वा स्वराज्याच्च्यावयिष्यति॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
विरोचन का एक बलवान पुत्र होगा, जो महासुर बालिके नाम से विख्यात होगा। देवता, दानव और राक्षस आदि समस्त लोक भी उसे नहीं मार सकेंगे। वह इन्द्र को राज्य से भ्रष्ट कर देगा। 79-80॥
 
Virochana will have a strong son, who will be famous by the name of Mahasura Balike. Even the entire world including gods, demons and demons will not be able to kill him. He will corrupt Indra from the kingdom. 79-80॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)