Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.72: तत्पश्चात् जब सृष्टि का समय आएगा, तब उस विद्या शक्ति के द्वारा मैं जगत् के सम्पूर्ण प्राणियों की रचना करूँगा। मेरी चार मूर्तियों में से चौथी वसुदेव मूर्ति ने अविनाशी शेष की रचना की है। 72॥ | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् जब सृष्टि का समय आएगा, तब उस विद्या शक्ति के द्वारा मैं जगत् के सम्पूर्ण प्राणियों की रचना करूँगा। मेरी चार मूर्तियों में से चौथी वसुदेव मूर्ति ने अविनाशी शेष की रचना की है। 72॥
'After that, when the time of creation comes, I will create all the living creatures of the world with the help of that Vidya Shakti. Among the four idols of mine, the fourth Vasudev idol has created the imperishable Shesha. 72॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥