Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.70: इस समय मैं सनातन परमात्मा प्रकट रूप धारण करके आकाश में विद्यमान हूँ। फिर एक हजार चार युग बीत जाने पर मैं इस जगत् का विनाश करूँगा। 70. | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस समय मैं सनातन परमात्मा प्रकट रूप धारण करके आकाश में विद्यमान हूँ। फिर एक हजार चार युग बीत जाने पर मैं इस जगत् का विनाश करूँगा। 70.
‘At this time I, the eternal Supreme Soul, have assumed a manifest form and am present in the sky. Then, after one thousand four yugas have passed, I will destroy this world. 70.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥