मत्पुत्रत्वं च कल्पादौ लोकाध्यक्षत्वमेव च॥ ६१॥
अहंकारकृतं चैव नाम पर्यायवाचकम्।
त्वया कृतां च मर्यादां नातिक्रंस्यति कश्चन॥ ६२॥
अनुवाद
(वे आशीर्वाद इस प्रकार हैं-) 'ब्रह्मन्! तुम प्रत्येक कल्प के प्रारम्भ में मेरे पुत्र के रूप में जन्म लोगे। तुम्हें जगत के अधिपति का पद प्राप्त होगा। तुम्हारा पर्यायवाची 'अहंकर्ता' होगा। तुम्हारी निर्धारित मर्यादाओं का कोई उल्लंघन नहीं करेगा।' 61-62.
(Those blessings are as follows-) 'Brahman! You will be born as my son at the beginning of every Kalpa. You will get the position of the head of the world. Your synonym will be 'Ahankarta' (one who creates ego). No one will violate the limits set by you. 61-62.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥