Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.29: हे देवमुनि! यह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड जिस पृथ्वी पर स्थित है, वह जल में विलीन हो जाती है। जल प्रकाश में विलीन हो जाता है और प्रकाश वायु में विलीन हो जाता है। | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे देवमुनि! यह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड जिस पृथ्वी पर स्थित है, वह जल में विलीन हो जाती है। जल प्रकाश में विलीन हो जाता है और प्रकाश वायु में विलीन हो जाता है।
‘O sage of gods! The earth on which this entire universe is based, dissolves in water. The water dissolves in light and the light dissolves in air.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥