Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.339.121-122h: तात! सूर्यदेव के अनुयायी उन महर्षियों ने मेरु पर्वत पर आये हुए देवताओं को वह महान माहात्म्य सुनाया था ॥121 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य  »  श्लोक 121-122h
 
 
श्लोक  12.339.121-122h 
सूर्यानुगामिभिस्तात ऋषिभिस्तैर्महात्मभि:॥ १२१॥
मेरौ समागता देवा: श्राविताश्चेदमुत्तमम्।
 
 
अनुवाद
तात! सूर्यदेव के अनुयायी उन महर्षियों ने मेरु पर्वत पर आये हुए देवताओं को वह महान माहात्म्य सुनाया था ॥121 1/2॥
 
Tat! Those great sages who followed the Sun God had narrated that great greatness to the gods who had come to Mount Meru. 121 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)