Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.339.111-113h: यह महान उपनिषद् (ज्ञान) चारों वेदों के विज्ञान से परिपूर्ण है। यह सांख्य और योग के सिद्धांतों से परिपूर्ण है। यह पंचरात्रि आगम के नाम से प्रसिद्ध है। यह साक्षात् नारायण के मुख से गाया गया है। तात! नारद जी ने यह बात ब्रह्मा जी के घर में उसी प्रकार सुनाई थी, जैसा उन्होंने श्वेतद्वीप में देखा और सुना था। | mahabharat अध्याय 12.339: श्वेतद्वीपमें नारदजीको भगवान् का दर्शन, भगवान् का वासुदेव-संकर्षण आदि अपने व्यूह स्वरूपोंका परिचय कराना और भविष्यमें होनेवाले अवतारोंके कार्योंकी सूचना देना और इस कथाके श्रवण-पठनका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह महान उपनिषद् (ज्ञान) चारों वेदों के विज्ञान से परिपूर्ण है। यह सांख्य और योग के सिद्धांतों से परिपूर्ण है। यह पंचरात्रि आगम के नाम से प्रसिद्ध है। यह साक्षात् नारायण के मुख से गाया गया है। तात! नारद जी ने यह बात ब्रह्मा जी के घर में उसी प्रकार सुनाई थी, जैसा उन्होंने श्वेतद्वीप में देखा और सुना था।
This great Upanishad (knowledge) is full of the science of the four Vedas. It is full of the principles of Sankhya and Yoga. It is famous by the name of Panchratri Aagam. It has been sung from the mouth of Sakshat Narayan. Tat! Narad ji had narrated this matter in Brahma ji's house as he had seen and heard in Shwetdweep.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥