अतिक्रान्ता: पुराणेषु श्रुतास्ते यदि वा क्वचित्।
अतिक्रान्ताश्च बहव: प्रादुर्भावा ममोत्तमा:॥ १०६॥
अनुवाद
अब तक हुए मेरे अवतारों का वर्णन तो तुमने पुराणों में सुना ही होगा। मेरे अनेक उत्तम अवतार पहले भी हो चुके हैं॥106॥
You may have heard about the incarnations of mine which have taken place till now in the Puranas. Many of my best incarnations have already taken place.॥ 106॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥