Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.337.4: ऋषियों ने कहा - हे देवताओं! यज्ञों में बीजों से यज्ञ करना चाहिए, यही वैदिक श्रुति है। बीजों का नाम अज है, अतः हमें बकरे को मारना उचित नहीं है।॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.337: यज्ञमें आहुतिके लिये अजका अर्थ अन्न है, बकरा नहीं—इस बातको जानते हुए भी पक्षपात करनेके कारण राजा उपरिचरके अध:पतनकी और भगवत्कृपासे उनके पुनरुत्थानकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋषियों ने कहा - हे देवताओं! यज्ञों में बीजों से यज्ञ करना चाहिए, यही वैदिक श्रुति है। बीजों का नाम अज है, अतः हमें बकरे को मारना उचित नहीं है।॥4॥
The sages said - O Gods! In yajnas, one should perform yajnas with seeds, this is the Vedic Shruti. The name of the seeds is Aja; hence it is not right for us to kill the goat. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥