Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.337.14-15h: यह सुनकर सूर्य के समान तेजस्वी सम्पूर्ण ऋषिगण क्रोधित हो गए और विमान में बैठकर देवताओं की ओर से बोलने वाले वसु से बोले-॥14 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.337: यज्ञमें आहुतिके लिये अजका अर्थ अन्न है, बकरा नहीं—इस बातको जानते हुए भी पक्षपात करनेके कारण राजा उपरिचरके अध:पतनकी और भगवत्कृपासे उनके पुनरुत्थानकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर सूर्य के समान तेजस्वी सम्पूर्ण ऋषिगण क्रोधित हो गए और विमान में बैठकर देवताओं की ओर से बोलने वाले वसु से बोले-॥14 1/2॥
On hearing this, all the sages as radiant as the Sun became enraged and, sitting in the plane, spoke to Vasu, who was speaking on behalf of the gods -॥ 14 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥