Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.337.1: युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह ! जब राजा वसु भगवान के महान भक्त और महापुरुष थे, तब वे स्वर्ग से निकालकर पाताल में कैसे गए ?॥1॥ | mahabharat अध्याय 12.337: यज्ञमें आहुतिके लिये अजका अर्थ अन्न है, बकरा नहीं—इस बातको जानते हुए भी पक्षपात करनेके कारण राजा उपरिचरके अध:पतनकी और भगवत्कृपासे उनके पुनरुत्थानकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर उवाच
यदा भागवतोऽत्यर्थमासीद् राजा महान् वसु:।
किमर्थं स परिभ्रष्टो विवेश विवरं भुव:॥ १॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह ! जब राजा वसु भगवान के महान भक्त और महापुरुष थे, तब वे स्वर्ग से निकालकर पाताल में कैसे गए ?॥1॥
Yudhishthira asked - Grandfather! When King Vasu was a great devotee of the Lord and a great man, then how did he get thrown out of heaven and enter the netherworld?॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥