उस महान राजा के घर में पंचरात्रशास्त्र के प्रकाण्ड विद्वान सदैव उपस्थित रहते थे; और भगवान् को अर्पित प्रसाद या भोजन को सबसे पहले वही खाते थे॥ 25॥
In the house of that great king the eminent scholars of the Pancharatra Shastra were always present; and he was the first to eat the prasad or food offered to the Lord.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥