युधिष्ठिर उवाच
अनिन्द्रिया निराहारा अनिष्पन्दा: सुगन्धिन:।
कथं ते पुरुषा जाता: का तेषां गतिरुत्तमा॥ १३॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह ! श्वेतद्वीप में रहने वाले मनुष्य इन्द्रिय, आहार और गति से रहित क्यों हैं ? उनके शरीर से सुन्दर गंध क्यों निकलती है ? उनकी उत्पत्ति किस प्रकार हुई है और वे किस उत्तम गति को प्राप्त होते हैं ? 13॥
Yudhishthir asked – Grandfather! Why are the men living in Shwetdweep devoid of senses, food and movements? Why does their body emit a beautiful smell? How did they originate and what is the best speed they attain? 13॥