Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.334.34: हे ब्रह्म! उन्होंने धर्म की ऐसी मर्यादाएँ स्थापित की हैं जो लोगों को उन्नति के पथ पर ले जाती हैं। देवताओं और पितरों का पूजन करना चाहिए, यही उनका आदेश है। | mahabharat अध्याय 12.334: बदरिकाश्रममें नारदजीके पूछनेपर भगवान् नारायणका परमदेव परमात्माको ही सर्वश्रेष्ठ पूजनीय बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे ब्रह्म! उन्होंने धर्म की ऐसी मर्यादाएँ स्थापित की हैं जो लोगों को उन्नति के पथ पर ले जाती हैं। देवताओं और पितरों का पूजन करना चाहिए, यही उनका आदेश है।
Brahman! He has established the boundaries of religion which take people on the path of progress. Gods and ancestors should be worshipped, this is his command.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥