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mahabharat 12.334.23: शास्त्रों का यह अभूतपूर्व विस्तार तथा उनका यह अत्यन्त आश्चर्यजनक आचरण देखकर उनके पास बैठे हुए नारद मुनि अत्यंत प्रसन्न हुए।   |   mahabharat अध्याय 12.334: बदरिकाश्रममें नारदजीके पूछनेपर भगवान् नारायणका परमदेव परमात्माको ही सर्वश्रेष्ठ पूजनीय बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 334: बदरिकाश्रममें नारदजीके पूछनेपर भगवान् नारायणका परमदेव परमात्माको ही सर्वश्रेष्ठ पूजनीय बताना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.334.23 
तद् दृष्ट्वा महदाश्चर्यमपूर्वं विधिविस्तरम्।
उपोपविष्ट: सुप्रीतो नारदो भगवानृषि:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
शास्त्रों का यह अभूतपूर्व विस्तार तथा उनका यह अत्यन्त आश्चर्यजनक आचरण देखकर उनके पास बैठे हुए नारद मुनि अत्यंत प्रसन्न हुए।
 
Seeing this unprecedented expansion of the scriptures and this extremely astonishing behavior by him, the sage Lord Narada sitting next to him became extremely pleased. 23.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)