जो पुरुष आत्मा को जानता है और अपने मन को वश में करता है, उसके लिए परम कल्याण का साधन यही है कि वह किसी भी वस्तु का संग्रह न करे, संतुष्ट रहे और इच्छा तथा चंचलता का त्याग कर दे ॥19॥
For one who knows the Self and controls his mind, the means of ultimate welfare is that he should not collect any object, remain content and give up desire and fickleness. ॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥