पृथक्त्वादाश्रमाणां च वर्णान्यत्वे तथैव च।
परस्परपृथक्त्वाच्च कथं ते वर्णसंकर:॥ १८२॥
अनुवाद
सब आश्रम पृथक् हैं और चारों वर्ण भी पृथक् हैं। जब उनमें भेद है, तो उस भेद को जाननेवाला मनुष्य तुम्हारे वर्ण का संकर कैसे हो सकता है?॥182॥
All the ashramas are separate and the four varnas are also different. When there is a separation between them, then how can a person who knows the separateness be a hybrid of your varna?॥182॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥