श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 319: जरा-मृत्युका उल्लंघन करनेके विषयमें पञ्चशिख और राजा जनकका संवाद  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.319.2 
तपसा वा सुमहता कर्मणा वा श्रुतेन वा।
रसायनप्रयोगैर्वा कैर्नाप्नोति जरान्तकौ॥ २॥
 
 
अनुवाद
वह किस प्रकार महान तप करके, महान कर्म करके, वेद-शास्त्रों का अध्ययन करके अथवा नाना प्रकार के रसायनों का प्रयोग करके मृत्यु को प्राप्त नहीं होता?
 
By what means does he not attain death by doing great penance, by performing great deeds, by studying the Vedas and scriptures or by using various types of chemicals? 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)