श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 314: सात्त्विक, राजस और तामस प्रकृतिके मनुष्योंकी गतिका वर्णन तथा राजा जनकके प्रश्न  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.314.8 
रज:सत्त्वसमायुक्तो मानुषेषु प्रपद्यते।
रजस्तमोभ्यां संयुक्तस्तिर्यग्योनिषु जायते॥ ८॥
 
 
अनुवाद
रजोगुण और सत्वगुण से युक्त होने पर वह मनुष्य लोक में जाता है और रजोगुण और तमोगुण से युक्त होने पर पशु, पक्षी आदि योनियों में जन्म लेता है ॥8॥
 
When combined with Rajogun and Satvagun, it goes to the human world and when combined with Rajogun and Tamogun, it takes birth in the species of animals, birds etc. 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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