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mahabharat 12.314.3-4h: अध्यात्मशास्त्र का विचार करने वाले विद्वान कहते हैं कि सात्विक पुरुष उत्तम स्थान को प्राप्त होता है, रजोगुणी पुरुष मध्यम स्थान को प्राप्त होता है और तमोगुणी पुरुष निम्नतम स्थान को प्राप्त होता है ॥3 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 12.314: सात्त्विक, राजस और तामस प्रकृतिके मनुष्योंकी गतिका वर्णन तथा राजा जनकके प्रश्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 314: सात्त्विक, राजस और तामस प्रकृतिके मनुष्योंकी गतिका वर्णन तथा राजा जनकके प्रश्न  »  श्लोक 3-4h
 
 
श्लोक  12.314.3-4h 
सात्त्विकस्योत्तमं स्थानं राजसस्येह मध्यमम्॥ ३॥
तामसस्याधमं स्थानं प्राहुरध्यात्मचिन्तका:।
 
 
अनुवाद
अध्यात्मशास्त्र का विचार करने वाले विद्वान कहते हैं कि सात्विक पुरुष उत्तम स्थान को प्राप्त होता है, रजोगुणी पुरुष मध्यम स्थान को प्राप्त होता है और तमोगुणी पुरुष निम्नतम स्थान को प्राप्त होता है ॥3 1/2॥
 
Scholars who think about spiritual science say that a Satvik man attains the best place, a Rajoguni man attains the middle place and a Tamoguni man attains the lowest place. 3 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)