चतुर्विधं महीपाल निर्दहत्याशु तेजसा।
जरायुजाण्डजस्वेदजोद्भिज्जं च नराधिप॥ ५॥
अनुवाद
भूपाल! नरेश्वर! फिर वे अपने तेज से जारयुज, अण्डज, स्वेदज और उद्भिज्ज - इन चार प्रकार के प्राणियों से युक्त सम्पूर्ण जगत् का शीघ्र ही नाश कर देते हैं।
Bhupal! Nareshwar! Then with his brilliance he quickly destroys the entire world filled with four types of living beings – Jaryuj, Andaj, Swedaj and Udbhijja.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥