Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.312.2: मैं तुम्हें बताता हूँ कि किस प्रकार अनादि और अविनाशी ब्रह्म, आदि-अन्त से रहित होकर बार-बार जीवों की उत्पत्ति और संहार करता है। ध्यानपूर्वक सुनो॥2॥ | mahabharat अध्याय 12.312: संहारक्रमका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं तुम्हें बताता हूँ कि किस प्रकार अनादि और अविनाशी ब्रह्म, आदि-अन्त से रहित होकर बार-बार जीवों की उत्पत्ति और संहार करता है। ध्यानपूर्वक सुनो॥2॥
I am telling you how the eternal and immutable Brahma, without beginning or end, repeatedly creates and destroys living beings. Listen attentively. ॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥