Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.312.16: तत्पश्चात् समस्त भूतों के स्वरूप में वृद्धि-क्षीणता से रहित, अविनाशी और अपरिवर्तनशील परब्रह्म ही शेष रह जाता है। उसी ने भूत, भविष्य और वर्तमान की रचना करने वाले निष्पाप ब्रह्मा को भी उत्पन्न किया है। 16॥ | mahabharat अध्याय 12.312: संहारक्रमका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् समस्त भूतों के स्वरूप में वृद्धि-क्षीणता से रहित, अविनाशी और अपरिवर्तनशील परब्रह्म ही शेष रह जाता है। उसी ने भूत, भविष्य और वर्तमान की रचना करने वाले निष्पाप ब्रह्मा को भी उत्पन्न किया है। 16॥
Thereafter, only the Supreme Brahman in the form of all things, devoid of growth and diminution, indestructible and changeless, remains. He has also created the sinless Brahma who created the past, future and present. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥