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श्लोक 12.310.22  |
अध: श्रोत्रेन्द्रियग्राम उत्पद्यति नराधिप।
सप्तमं सर्गमित्याहुरेतदैन्द्रियकं स्मृतम्॥ २२॥ |
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| अनुवाद |
| नरेन्द्र! श्रोत्र आदि इन्द्रियों के पश्चात् कर्मेन्द्रियाँ उत्पन्न होती हैं। इसे सातवाँ स्कन्ध कहते हैं। इसे इन्द्रिय-सृष्टि भी कहते हैं। 22॥ |
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| Narendra! After the senses like hearing etc., the organs of action arise. This is called the seventh canto. This is also called sensory creation. 22॥ |
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