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mahabharat 12.31.39: उस समय राजा अचेत थे और उन्हें मेरी याद आई। तब मैं उनके मन की बात समझ गया और उनके सामने प्रकट हुआ।   |   mahabharat अध्याय 12.31: सुवर्णष्ठीवीके जन्म, मृत्यु और पुनर्जीवनका वृत्तान्त   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 31: सुवर्णष्ठीवीके जन्म, मृत्यु और पुनर्जीवनका वृत्तान्त  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  12.31.39 
तत: स राजा सस्मार मामेव गतमानस:।
तदाहं चिन्तनं ज्ञात्वा गतवांस्तस्य दर्शनम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
उस समय राजा अचेत थे और उन्हें मेरी याद आई। तब मैं उनके मन की बात समझ गया और उनके सामने प्रकट हुआ।
 
At that time the king was unconscious and remembered me. Then I understood his thoughts and appeared before him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)