Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.31.38: तत्पश्चात् उनकी माताएँ शोक से व्याकुल होकर रोती हुई उस स्थान की ओर दौड़ीं, जहाँ राजा संजय विलाप कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 12.31: सुवर्णष्ठीवीके जन्म, मृत्यु और पुनर्जीवनका वृत्तान्त   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 31: सुवर्णष्ठीवीके जन्म, मृत्यु और पुनर्जीवनका वृत्तान्त  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  12.31.38 
ततस्ता मातरस्तस्य रुदत्य: शोककर्शिता:।
अभ्यधावन्त तं देशं यत्र राजा स सृंजय:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उनकी माताएँ शोक से व्याकुल होकर रोती हुई उस स्थान की ओर दौड़ीं, जहाँ राजा संजय विलाप कर रहे थे।
 
Thereafter his mothers, overcome with grief, ran weeping towards the place where King Sanjaya was mourning.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)