Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.306.6: वशिष्ठ बोले, "महाराज! आप जो प्रश्न पूछ रहे हैं, मैं उसका उत्तर भली-भाँति दूँगा। इस समय मैं योग-संबंधी क्रियाओं का पृथक्-पृथक् वर्णन कर रहा हूँ, सुनिए।" | mahabharat अध्याय 12.306: योग और सांख्यके स्वरूपका वर्णन तथा आत्मज्ञानसे मुक्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वसिष्ठ उवाच
हन्त ते सम्प्रवक्ष्यामि यदेतदनुपृच्छसि।
योगकृत्यं महाराज पृथगेव शृणुष्व मे॥ ६॥
अनुवाद
वशिष्ठ बोले, "महाराज! आप जो प्रश्न पूछ रहे हैं, मैं उसका उत्तर भली-भाँति दूँगा। इस समय मैं योग-संबंधी क्रियाओं का पृथक्-पृथक् वर्णन कर रहा हूँ, सुनिए।"
Vasishtha said, "Maharaj! I will answer all the questions you are asking very well. At this time I am describing the Yoga-related actions separately, listen."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥