Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.303.16: कभी वह एक रात्रि के अन्तराल पर भोजन करता है, कभी दिन में एक बार भोजन करता है और कभी दिन के चौथे, छठे या आठवें प्रहर में भोजन करता है ॥ 16॥ | mahabharat अध्याय 12.303: प्रकृति-संसर्गके कारण जीवका अपनेको नाना प्रकारके कर्मोंका कर्ता और भोक्ता मानना एवं नाना योनियोंमें बारंबार जन्म ग्रहण करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कभी वह एक रात्रि के अन्तराल पर भोजन करता है, कभी दिन में एक बार भोजन करता है और कभी दिन के चौथे, छठे या आठवें प्रहर में भोजन करता है ॥ 16॥
Sometimes he takes his meals after a gap of one night, sometimes he takes food once a day and sometimes he takes his meal in the fourth, sixth or eighth hour of the day.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥